बुधवार, १४ मई २००८

जयपुर मे बलास्ट करके नफरत फैलाने वालों तुम यह ठीक से जान लो

नहीं सफल हो सकते तुम्हारे नापाक इरादे अब ये मान लो

हिंदुस्तान का हर बाशिंदा एक है तुम जान लो

मजहब नहीं सिखाता बेर अब तो तुम ये मान लो,

देह्सत और विद्वेष का जहर घोल कर जीत नहीं सकते तुम

मातृ-भूमी पर मर मिटने का जज्बा लिये जीतें है हम

1 टिप्पणियाँ:

हर्षवर्धन ने कहा…

इसी जज्बे की जरूरत है।